कोविड जागरूकता अभियान 2020 डूंगरपुर जिला कलक्टर ने फेस बुक लाईव से ...

कोविड जागरूकता अभियान 2020 डूंगरपुर जिला कलक्टर ने फेस बुक लाईव से आमजन को दिया कोरोना बचाव का संदेश लगभग पांच हजार से अधिक रहें व्यूवर्स, लोगों ने नवाचार की सराहना की

जयपुर, 4 जुलाई। डूंगरपुर जिले में चल रहें कोविड-19 जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को डूंगरपुर जिला कलक्टर श्री काना राम सोशल मीडिया फेस बुक लाईव से आमजन से रूबरू होकर कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में संदेश देकर सावधानियों को अपनाने मास्क का उपयोग करने, सोशल डिस्टेंस अपनाने, बार-बार साबून से हाथ धोने की अपील की।
 
कोविड-19 जागरूकता अभियान के तहत जिला कलक्टर श्री काना राम प्रातः 11.30 बजे जिला प्रशासन के ऑफिशियल ड्रिस्टि्रक्ट फेस बुक पेज डूंगपुर डिस्टि्रक राजस्थान पर लाईव हो कर जिले वासियों से कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जागरूक होने, सावधानियों को दैनिक जीवनचर्या में आदत के रूप में सम्मिलित करने, कोरोना संक्रमण को जिले में फैलाव होने से रोकने के लिए किये जा रहें प्रयास, कोविड-19 जागरूकता अभियान एवं उसमें आमजन की सक्रिय सहभागिता निभाने आदि के बारें में संदेश दिया। 
 
सहायक निदेशक जनसंपर्क श्रीमती छाया चौबीसा ने बताया कि जिले में जागरूकता अभियान के तहत विविध प्रकार के नवाचारों से आमजन तक व्यापक रूप से पहुंचते हुए जागरूकता के प्रयास किये जा रहें है। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कार्यक्रमों में कोई भीड एकत्रित ना हो तथा संदेश भी व्यापक स्तर पर प्रसारित हो। 
इसी के मद्देनजर अधिकांश जागरूकता संदेशपरक कार्यक्रमों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चुना गया है। उन्होंने बताया कि इस लाईव संदेश पर लगभग पांच हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता निभाते हुए इस नवाचार की सराहना कर सजगता से नियमों की पालना के लिए टिप्पणियां भी की।
 
जिला कलक्टर श्री काना राम ने कोरोना वारियर्स के योगदान, सजगता एवं जिले में लॉक डाउन के दौरान जिले वासियों के अपूर्व सहयोग के कारण जिले में कोविड की कई पैरामीटर पर जिले की बेहतर नियंत्रित स्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत के रिकवर होकर घर जाने, एहतियातन तौर पर पूर्व से ही जिला प्रशासन द्वारा लगभग 22 हजार अग्रेसिव टेस्िंटग करने, कॉन्टेक्ट टेस्िंटग तथा समय पर उपचार के प्रभावी कदम के कारण व्यापक संक्रमण नही हो पाया। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय जिले के निवासियों और विशेषकर युवाओं को है जिन्होंने नियमों की पूर्ण पालना की है। 
 
उन्होंने बताया कि कोरोना के आने के साथ ही बहुत चुनौतियां भी थी। यहां के अधिकांष प्रवासी गुजरात, महाराष्ट्र में रोजगाररत थे। इसमें लगभग 80 हजार प्रवासी लॉकडाउन अवधि में जिले में आये हैं तथा लगभग पांच लाख प्रवासी रतनपुर बोर्डर से गुजर कर अन्य जिलों में गये । ऎसे में उनकी स्क्रीनिंग, ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की गई। 
लॉक डाउन में राज्य सरकार के निर्देशानुसार जरूरतमंदों को फूड बैंक के माध्यम से भोजन एवं फूड पैकेट्स उपलब्ध करवाये गये। लॉक डाउन के बाद रोजगार की चुनौती के लिए महात्मा गांधी नरेगा के तहत लगभग चार लाख श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करवाया गया। हमारा प्रयास आमजन की जान बचाना तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना रहा और इसमें जिले वासियों के सहयोग के कारण प्रशासन सफल हो सका।
 
उन्होंने कहा कि अब जब लॉक डाउन के बाद ज्यादा एहतियात की जरूरत है अन्यथा जरा सी लापरवाही ज्यादा बड़े संक्रमण का कारण बन सकती है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि सभी जन मास्क, सोशल डिस्टेंस, बार-बार साबून से हाथ धोने, अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने, भीड़ वाली जगहों पर नही जाने, बड़े आयोजन एवं समारोह नही करने, बैंक, मनरेगा कार्य स्थल, वाहनों, सभी प्रकार के कार्य स्थल, बाजार, मंडी आदि सभी जगहों पर नियमों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में हमें मालूम था कि कौन कहां से आ रहा है जबकि अन लॉक डाउन में हमें यह ज्ञात नही है, ऎसे में हमें विशेष सजगता की आवश्यकता है। 
 
उन्होंने युवाओं से जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जागरूकता का प्रयास करने, बचाव एवं सावधानियों को अपनाने की बात कही। उुन्होंने युवाओं के कोरोना वारियर्स के रूप में पुलिस मित्र, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट, सफाईकर्मी के रूप जो भूमिका निभाई है, उसके लिए अत्यन्त सराहना की तथा अन लॉकडाउन में ज्यादा सजगता एवं सक्रियता से सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने चिकित्सा संसाधनों की भी जानकारी देते हुए जिलेवासियों से नहीं घबराने की बात भी कही।