कोरोना जागरूकता में भीलवाड़ा बनें सबके लिए रोल मॉडल

कोरोना जागरूकता में भीलवाड़ा बनें सबके लिए रोल मॉडल

जयपुर, 22 जून। जन जाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री एवं भीलवाड़ा जिले के प्रभारी श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि जिस प्रकार कोरोना पर नियंत्रण कर भीलवाड़ा पूरे देश के लिए मॉडल बना। उसी प्रकार कोरोना के प्रति जागरूकता की दृष्टि से भी सबके लिए  आदर्श बनकर सामने आना चाहिए। 10 दिवसीय जन जागरुकता अभियान के औपचारिक शुभारंभ हेतु सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रचार सामग्री के विमोचन के पश्चात अपने सम्बोधन में उन्होने यह बात कही। इस अवसर पर सांसद श्री सुभाष बहेड़िया, विधायक श्री कैलाश त्रिवेदी, श्री विट्ठल शंकर अवस्थी, श्री गोपाल खंडेलवाल, श्री गोपीचंद मीणा, श्री जब्बर सिंह सांखला, प्रभारी सचिव श्री कुंजी लाल मीणा, जिला कलक्टर श्री राजेंद्र भट्ट, जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरेंद्र महावर, एडीएम श्री राकेश कुमार व श्री एनके राजोरा, जिला परिषद सीईओ श्री गोपाल बिरडा, उपखंड अधिकारी श्रीमती टीना डाबी, महात्मा गांधी दर्शन समिति के जिला संयोजक श्री अक्षय त्रिपाठी, नगर परिषद सभापति श्रीमती मंजू चेचानी, मेडीकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राजन नंदा, एमजी अधीक्षक डॉ. अरूण गौड़, सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान सहित अन्य अधिकारी व गणमान्य उपस्थित रहे।
 
श्री बामनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूरी तरह सचेत है। उनके दिए नारे ’’राजस्थान सतर्क है’’ की तर्ज पर भीलवाड़ा भी पूरी तरह सतर्क है। शुरूआत में जिले का नाम देश भर में नकारात्मक रुप से चर्चित हो गया था लेकिन राज्य सरकार के लगातार निर्देशों को जिला प्रशासन ने सख्ती से लागू किया और आमजन के पूर्ण सहयोग से कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण करने में सफलता प्राप्त की।

उन्होने कहा कि लम्बे समय तक कर्फ्यू और लॉकडाउन के पश्चात अब जनजीवन सामान्य होने लगा है। लेकिन अभी खतरा मिटा नहीं है इसलिए हमें अपनी दिनचर्चा में कुछ सावधानियों को शामिल करना है । राज्य सरकार द्वारा यह व्यापक अभियान चलाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसके तहत सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की ओर से मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से अपील, जागरुकता पोस्टर, सनबोर्ड, पेम्पलेट्स, रेडियो जिंगल्स, टीवी पर विज्ञापन फिल्म एवं समाचार पत्रों में विज्ञापनों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। चिकित्सा विभाग की ओर से घर-घर जाकर प्रचार सामग्री वितरित करने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य संबंधी सर्वे किया जाएगा। उन्हे कोरोना संक्रमण से बचने की जानकारियां दी जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान सीएमएचओ ने जिले में संक्रमण की रोकथाम के लिए की गई गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की। इससे पूर्व प्रभारी मंत्री एंव प्रभारी सचिव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारी विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जयपुर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़े।
 
जागरुकता रथ को दिखाई हरी झंडीः
 
अतिथियों ने इस अवसर पर जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार सामग्री से सुसज्जित यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरुक करेगा। स्थानीय भाषा में मधुर संगीतमय जागरूकता गीत के माध्यम से यह रथ सभी को मुख्यमंत्री का संदेश देगा। आरयूआईडीपी की ओर से भी जागरुकता वाहन द्वारा प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इस वाहन को भी अतिथियों ने हरी झंडी दिखाई। 
 
प्रभारी मंत्री ने महत्वपूर्ण विभागों की बैठक लेकर दिये निर्देश
 
जिले के प्रभारी मंत्री श्री अर्जुन सिंह बामणिया ने सोमवार को राजीव गांधी केन्द्र पर स्थित विडियो कान्फे्रंस रुम में महत्वपूर्ण विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।  जिले के सभी उपखण्ड व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विडियो कान्फे्रंस के माध्यम से बैठक में भाग लिया। बैठक में सांसद श्री सुभाष बहेडिया,विधायक श्री कैलाश त्रिवेदी, श्री विट्ठल शंकर अवस्थी, श्री गोपाल खंडेलवाल, श्री गोपीचंद मीणा, श्री जब्बर सिंह सांखला, प्रभारी सचिव श्री कुंजी लाल मीणा, जिला कलक्टर श्री राजेंद्र भट्ट, जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरेंद्र महावर, एडीएम श्री राकेश कुमार व श्री एनके राजोरा, जिला परिषद सीईओ श्री गोपाल बिरडा, उपखंड अधिकारी श्रीमती टीना डाबी उपस्थित रहे।
            
प्रभारी मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना उन प्रवासी जिलेवासियों के लिये वरदान साबित हुई है जो हाल ही में अन्य राज्यों से अपने गांव लौटे हैं।  यही कारण है कि 4 लाख से अधिक श्रमिक नियोजन कर जिले में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर रखा है।  कोरोना जनजागरुकता अभियान से प्रत्येक मेट को जोडने के निर्देश देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि कार्य प्रारंभ करने से पहले सभी श्रमिकों को जागरुकता संबंधी  जानकारी प्रदान की जाये। बैठक में प्रभारी मंत्री ने मौसमी बीमारियों को लेकर विशेष सावधानी बरतनें के निर्देश चिकित्सा विभाग को दिये।  गांवों में बारिश के दौरानपानी भरने से पैदा होने वाले मच्छरों के लिये ग्रामसेवक की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी उन्होंने दिये।गरीब कल्याण रोजगार योजना, पेयजल, बिजली, टिड्डी नियंत्रण, राजकोैशल पोर्टल सहित अन्य कई बिन्दुओं पर भी समीक्षा की।  
        
जिले के प्रभारी सचिव श्री कुंजीलाल मीणा ने बैठक के दौरान सभी उपखण्ड व विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत अभियान चलाकर उन लोगों को भी रोजगार दें जिन्होंने अभी तक योजना के तहत कार्य नहीं किया है।  अगले दो मस्टररोल में इन वंचितों को काम देकर जिले में श्रमिक नियोजन का आंकडा पांच लाख के पार करने का लक्ष्य उन्होंने सामने रखा।
कोरोना जागरूकता में भीलवाड़ा बनें सबके लिए रोल मॉडल