जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कोविड-19 को ध्यान में रखते ...

जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए तैयारी रखें -अतिरिक्त मुख्य सचिव

जयपुर, 10 जून। अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग श्रीमती वीनू गुप्ता ने कहा कि आगामी बरसात के मौसम में जलभराव और बाढ़ की सम्भावना को देखते हुए सभी संबंधित विभाग कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए समय रहते तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने जन-धन के सुरक्षात्मक उपाय के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (एनडीएमए) की गाइड लाइन के अनुसार उचित प्रबन्धन करने के निर्देश दिए है। 
 
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बुधवार को यहां शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हम हर साल प्रदेश में कहीं न कहीं बाढ़ एवं जलभराव की समस्या का बेहतर ढंग से मुकाबला करते हैं, लेकिन इस साल कोरोना की वजह से यह विशेष चुनौतीपूर्ण काम हो गया है। हमें अपनी तैयारियां कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखकर करनी है। 
 
 
श्रीमती गुप्ता ने सभी विभागों को मानसून से पहले मॉक ड्रिल कर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि ग्राउंड स्तर की मशीनरी पूरी तरह सक्रिय और संवेदी हो जाए। उन्होंने बरसात के दौरान नालों को ब्लॉक होने से रोकने के लिए नगरीय निकायों को सफाई के बाद कचरे का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसम विभाग को राजस्थान में बहने वाली नदियों के दूसरे राज्यों में स्थित अप स्ट्रीम केचमेंट एरिया में होने वाली बारिश की भविष्यवाणी से भी सही समय पर अवगत कराने के निर्देश दिए। 

 
बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री राजेश यादव ने बताया कि बाढ़ की स्थिति में जहां भी जरूरत होगी वहां गुणवत्ता युक्त पानी पहुंचाने की पूरी तैयारी है। पानी के परिवहन के लिए टैंकरों का रेट कॉन्ट्रेक्ट किया हुआ है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रेपिड रेस्पोंस टीमें बनी हुई है और जलजनित बीमारियों के उपचार के लिए दवा की पर्याप्त व्यवस्था है। इसी प्रकार सार्वजनिक निर्माण विभाग, जल संसाधन, ऊर्जा एवं अन्य विभागों ने अपनी तैयारियों से अवगत कराया।
 
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के शासन सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने एनडीएमए की गाइड लाइन के मुताबिक सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग तय समय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर जरूरी तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इस बार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी।  

 
बैठक में बाढ़ बचाव के दौरान कोरोना संक्रमण की रोकथाम को मध्यनजर रखते हुए विशेष सावधानी बरतने पर भी चर्चा की गई। इसके लिए छोटी-छोटी बचाव टीमों का गठन करने, फेस मास्क एवं फेस शील्ड का इस्तेमाल करने, समय-समय पर टीमों की कोविड जांच कराने पर विचार किया गया। 
 
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज श्री राजेश्वर सिंह, शासन सचिव जल संसाधन श्री नवीन महाजन, जयपुर संभागीय आयुक्त श्री केसी वर्मा, जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्री टी.रविकांत, जयपुर कलक्टर श्री जोगाराम, नगर निगम आयुक्त श्री वीपी सिंह सहित पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, होम गार्ड सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी थे। 
 
 जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए तैयारी रखें -अतिरिक्त मुख्य सचिव