लॉक डाउन के दौरान 181 कॉल सेंटर बना आमजन का सहारा

लॉक डाउन के दौरान 181 कॉल सेंटर बना आमजन का सहारा

जयपुर, 10 जून। जन अभियोग निराकरण मंत्री श्री शाले मोहम्मद ने जन अभियोग निराकरण विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय गतिविधियां विशेषकर 181 हेल्पलाइन सेवा के संबंध में समीक्षा बैठक ली।
 
जन अभियोग निराकरण मंत्री ने बताया कि आमजन के शिकायत निवारण के लिए 181 हेल्पलाइन को कोरोना संक्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसार कोविड-19 हेल्पलाइन के रूप में परिवर्तित कर दिया गया, जिससे संपूर्ण राज्य में जनता द्वारा लॉकडाउन के दौरान कॉल सेंटर पर 2 लाख 60 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से अभी तक 2 लाख 57 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। उन्होंने बताया लॉकडाउन अवधि के दौरान कॉल सेंटर पर खाद्य सामग्री की कमी होने पर सामग्री उपलब्ध करवाने, खाद्य सामग्री की काला बाजारी रोकने, ट्रांजिट पास बनाने, चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने, श्रमिकों का आवागमन कराने संबंधी शिकायतें प्रमुख रही, जिनका निराकरण पोर्टल के माध्यम से किया गया। इसके अतिरिक्त लोगों को रोजगार दिलवाने में मुख्य भूमिका निभा रही महानरेगा योजना से संबंधित 3 हजार से अधिक पेयजल से संबंधित 15 हजार परिवादाें का निराकरण भी किया गया।
 
श्री मोहम्मद ने बताया कि कॉल सेंटर पर दर्ज परिवादाें में निस्तारण से शेष रही शिकायतों का भी प्राथमिकता से अब निवारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक माह में कम से कम एक बार जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी 10 प्रकरणों की समीक्षा करेंगे ताकि दर्ज शिकायतों का निवारण करवाया जाए जिससे आमजन को राहत प्रदान की जा सके।
 
इस अवसर पर विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आर वेंकटेश्वर एवं निदेशक श्रीमती चित्रा गुप्ता भी उपस्थित रहे।