मुख्यमंत्री के निर्देश पर वीडियो कांफे्रंस टिड्डी नियंत्रण के ...

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वीडियो कांफे्रंस टिड्डी नियंत्रण के लिए धन एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं एसडीआरएफ से खरीदे जाएंगे 100 अग्निशमन वाहन

जयपुर, 3 जून। राज्य सरकार जल्द ही 100 अग्निशमन वाहनों की खरीद करेगी। राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से खरीदे जाने वाले ये वाहन आपदा राहत के साथ ही टिड्डी नियंत्रण में भी उपयोगी होंगे। एसडीआरफ से जिला कलक्टरों को एक करोड़ 47 लाख रूपए उपलब्ध कराए गए हैं। जिनसे जिला कलक्टर स्थानीय स्तर पर ही टिड्डी नियंत्रण के लिए ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर सहित अन्य वाहनों एवं पानी के टैंकर किराए पर लेने तथा आवश्यक कीटनाशी का तत्काल प्रबंध कर सकें। साथ ही मानवीय संसाधनों की पूर्ति के लिए कृषि विभाग में 290 सहायक कृषि अधिकारियों तथा एक हजार 900 कृषि पर्यवेक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देश पर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से हुई वीडियो कांफ्रेंस में प्रदेश में टिड्डियों के नियंत्रण की समीक्षा की गई। वीडियो कांफ्रेंस में कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया एवं राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने कहा कि टिड्डियों के नियंत्रण के लिए धन एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों में बड़ी संख्या में टिड्डियों का प्रजनन हो रहा है। बड़ी संख्या में इन दलों के राजस्थान पहुंचने की आशंका है। ऎसे में हमें जिलावार रणनीति पर काम करना होगा। इस काम में टिड्डी चेतावनी संगठन एवं राज्य सरकार के प्रयासों के साथ ही स्थानीय किसानों का सहयोग भी लिया जाए। कृषि राज्यमंत्री श्री भजनलाल जाटव ने कहा कि बरसात का सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है। इसके साथ ही किसान खेतों में बुवाई प्रारंभ कर देंगे। यदि समय रहते इस समस्या पर काबू नहीं पाया गया तो फसलों को नुकसान होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री सुखराम विश्नोई ने कहा कि बीते साल भी सामूहिक प्रयासों से टिड्डियों के प्रकोप से काबू पाने में हमें सफलता मिली थी। इस बार भी टिड्डी दल के रात्रि पड़ाव के साथ ही वहीं उन्हें नष्ट करने से प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा। उप मुख्य सचेतक श्री महेन्द्र चौधरी ने कहा कि लगातार हो रहे टिड्डियों के आक्रमण को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि टिड्डी चेतावनी संगठन को और मजबूत बनाया जाए। इसके लिए राज्य सरकार केन्द्र पर दबाव बनाए। मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने कहा कि जिला कलक्टरों को टिड्डी नियंत्रण के लिए आवश्यकतानुसार वित्तीय एवं मानवीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि विभाग दिन-रात टिड्डी चेतावनी संगठन के साथ मिलकर इस चुनौतीपूर्ण काम में जुटा हुआ है। कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने बताया कि अब तक करीब 95 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया गया है। सीमावर्ती जिलों में टिड्डी दलों के आगमन की पुख्ता सूचना मिल सके, इसके लिए बीएसएफ से भी सहयोग लिया जा रहा है। आपदा प्रबंधन एवं राहत सचिव श्री सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि केन्द्र सरकार ने एसडीआरफ मद से टिड्डी नियंत्रण कार्य के लिए आवश्यक वाहन किराए पर लेने तथा पौध संरक्षी रसायन की खरीद को अनुमत कर दिया है। उन्होंने बताया कि टिड्डियों के प्रकोप के कारण गंगानगर, बीकानेर एवं नागौर जिले के कुछ क्षेत्र में फसल खराबे की सूचना मिली है। इस पर मुआवजे के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।