विश्व तम्बाकू निषेध दिवस- नशा मुक्त समाज के लिए पूरे देश में एक सा...

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस- नशा मुक्त समाज के लिए पूरे देश में एक साथ उठाए जाएं ठोस कदम ः मुख्यमंत्री

जयपुर, 31 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि नशा मुक्त समाज की परिकल्पना साकार करने के लिए न केवल राज्य स्तर पर बल्कि पूरे देश में एक साथ ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए लोगों की इच्छाशक्ति भी बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री गहलोत शुक्रवार को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को नशा मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर कदम उठाए जाने जरूरी हैं। 
 
ई-सिगरेट के बाद अब हुक्का बार पर भी लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री रघु शर्मा से कहा कि वे ई-सिगरेट के बाद अब हुक्का बार पर भी लगाम लगाने के लिए ठोस कार्यवाही करें। श्री गहलोत ने कहा कि युवा पीढ़ी में नशे का बढ़ता चलन गंभीर चिंता का विषय है। पंजाब के चुनाव में तो यह बड़ा मुद्दा रहा था। 
 
सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंध के अच्छे परिणाम आए
श्री गहलोत ने कहा कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में राजस्थान में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना प्रतिबंध कर दिया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए थे। हालांकि इस निर्णय पर कई तम्बाकू कम्पनियों ने सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया था, लेकिन हमारी मजबूत इच्छाशक्ति के कारण ही यह निर्णय लागू हो सका।
 
यूपीए सरकार में हुई अधिकार आधारित युग की शुरूआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, खाद्य सुरक्षा और रोजगार का अधिकार (मनरेगा) के माध्यम से यूपीए सरकार ने देश में अधिकार आधारित युग की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि जीवन की गुणवत्ता के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जरूरी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमारी पिछली सरकार ने निःशुल्क दवा योजना शुरू की, जो बेहद सफल रही। गुजरात सहित कई राज्यों ने इस योजना का अध्ययन करवाया। अब इस योजना के तहत कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा रोग जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। 
 
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हमारे प्रयासों को सराहा
श्री गहलोत ने कहा कि सर्वोदय दिवस के अवसर पर 30 जनवरी, 2019 को राज्य स्तरीय नशा मुक्ति अभियान प्रारम्भ किया गया। इसके तहत 1 करोड़ 14 लाख लोगों ने तम्बाकू उपयोग नहीं करने की शपथ ली। इस अभियान को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड तथा वल्र्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में दर्ज किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रदेश को तम्बाकू निषेध के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया है, जो हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी। 
 
राइट टू हैल्थ और मिलावटखोरी पर लाएंगे कानून
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री रघु शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हमारा प्रदेश रोग मुक्त हो। इसके लिए हम शीघ्र ही राइट टू हैल्थ और मिलावटखोरी रोकने के लिए कानून लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के प्रयासों से ही आज प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में मॉडल बनकर उभरा है। राज्य के 7 करोड़ से अधिक लोगों को निशुल्क दवा योजना का लाभ मिल रहा है।
 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की मुहिम को सफल बनाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन डायरेक्टर डॉ. समित शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। निदेशक, जनस्वास्थ्य डॉ. वीके माथुर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 
 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को किसी भी तरह के तम्बाकू उत्पाद एवं नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने तथा अपने मित्रों, परिचितों और परिजनों को भी नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। 
 
इस अवसर पर विधायक श्रीमती गंगा देवी, राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री सुरेश गुप्ता, अतिरिक्त मिशन निदेशक श्री शंकरलाल कुमावत सहित अन्य अधिकारी, एनजीओ के प्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।  विश्व तम्बाकू निषेध दिवस- नशा मुक्त समाज के लिए पूरे देश में एक साथ उठाए जाएं ठोस कदम ः मुख्यमंत्रीविश्व तम्बाकू निषेध दिवस- नशा मुक्त समाज के लिए पूरे देश में एक साथ उठाए जाएं ठोस कदम ः मुख्यमंत्री