सफलता की कहानी कोविड-19 फाइटर होने के नाते आशा सहयोगिनी उर्मिला ने...

सफलता की कहानी कोविड-19 फाइटर होने के नाते आशा सहयोगिनी उर्मिला ने दिया अपनी भूमिका को बखूबी अंजाम

जयपुर, 6 मई। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई कोरोना वारियर्स दिन-रात काम कर रहे हैं, इनमें से ही एक हैं उर्मिला शर्मा। उर्मिला आशा सहयोगिनी के पद पर रामगंज, जयपुर वार्ड 73 आंगन बाड़ी केंद्र,  घोसियाें का मोहल्ला  में कार्य कर रही हैं जो परकोटा क्षेत्र के घी वालों के रास्ते में ही रहती हैं। 
 
श्रीमती उर्मिला स्वयं भी कोविड-19 महामारी के प्रति जागरूक हैं और अपने शहर को भी इसके खतरों एवं बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्होंने 13 मार्च 2020 से ही रोजाना करीब 100 घरों में डोर टू डोर सर्वे कर यह पता लगाने के लिए काम किया कि कहीं कोई कोरोना जैसे लक्षणों का मरीज तो उस घर में नहीं है। उनके कायर् क्षेत्र में पूरा वार्ड 73 रामगंज सम्मिलित है और अभी भी दुबारा उन घरों का सर्वे जारी है।
 
 उनके साथ वार्ड 73 की 7 (सात) आशाएं मिलकर काम कर रही हैं। उर्मिला बताती हैं कि उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम के लिए मेहनत लगन एवं ईमानदारी से काम करने की कोशिश की है यहां तक कि उन्हें अपने कार्य के दौरान शहर में कई बार विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंंने अपन काम जारी रखा। इतना ही नहीं सर्वे के दौरान गर्भवती महिलाओं को आयरन कैल्शियम जैसी आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवायें भी घर-घर पहुंचाईं। बच्चों, बुजुगोर्ं व बीमार व्यक्तियों का खास ख्याल रखते हुए जरूरी दवाईयां व छोटी-मोटी बीमारियों की दवा भी घरों पर पहुंचाने के अलावा करीब 500 मास्क घर पर सिलकर लोगों को दिए। 
 
उर्मिला बताती हैं कि महिला एवं बाल विकास की ओर से भी 3015 मास्क और महिलाओं के लिए 1000 सैनेट्री पैड उन्हें दिए गए थे जिन्हें उन्होंने घर-घर पर जरूरतमंदों का पता लगाकर अपनी सहायिका के साथ वितरित किया। वे कोविड-19 सर्वे के अन्तर्गत शहर वासियों को इस बीमारी से बचाव और कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सलाह देते हुए कोविड-19 से अपनें शहर को संक्रमित होने से बचाने की मुहिम में लगी हैं और एक कोविड-19 फाइटर होने के नाते सभी को सलाह देती हैं कि सभी .....
 
- सामाजिक तौर पर आपस में दूरी बनाये रखें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकले। बाहर से आये व्यक्ति की तुरन्त सूचना सम्बन्धित क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारी को देवें।
 
- बार-बार साबून से हाथ धोये तथा साथ ही बाहरी व्यक्ति को घर में प्रवेश न करने दें।
 
- खांसते, छीकते समय मुंह पर कपड़ा रखें एवं मास्क का प्रयोग करें। आंख कान, नाक तथा मुंह को छूने से बचें।
 
-संक्रमण के लक्षण होने पर उस व्यक्ति के सम्पर्क में आने से बचें और स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी देवें। 
 
क्षेत्र में लगातार काम करने के कारण लोग उनकी सलाह को ध्यान से सुनते और उसका पालन भी करते हैं।