जिला प्रशासन की शेयरिंग-केयरिंग हेल्पलाइन निभा रही है बेटे जैसा ...

जिला प्रशासन की शेयरिंग-केयरिंग हेल्पलाइन निभा रही है बेटे जैसा फर्ज लॉकडाउन में बन रही है बुजुर्गो के बुढ़ापे की लाठी

जयपुर, 04 मई। जिला प्रशासन एवं जे.के लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी की और से बुजुर्गो के लिए शुरू की गई शेयरिंग-केयरिंग 7428518030 हेल्पलाइन लॉकडाउन जैसे कठिन समय में व्यक्ति का दूसरा बचपन कहे जाने वाले बुढ़ापे की लाठी साबित हो रही है इस हेल्पलाईन पर प्रतिदिन 80 से भी ज्यादा कॉल आ रही है एक बुर्जुग ने कहा की यह हेल्पलाईन बिल्कुल मेेरे बेटे जैसी है जहां मुझे सिर्फ एक कॉल करना पड़ता है और अपनी परेशानी बतानी पड़ती है मेरी समस्या का हल तुरन्त हो जाता है। ऎसे अनेकों उदाहरण हर रोज इस हेल्पलाईन के जरिए सामने आ रहें है। जिला प्रशासन बुजुर्गो की हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है, कोई भी बुर्जुग व्यक्ति जिसे भोजन,चिकित्सा,राशन आदि की समस्या है वह इस हेल्पलाइन पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकता है। 
 
98 वर्षीय बुर्जुग गोपालबाड़ी के पास एक मकान में अकेले रहते है लॉकडाउन के कारण दवाईयां व भोजन के लिए परेशान थे, अखबार के माध्यम से जिला प्रशासन एवं जे.के.लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के सहयोग से संचालित शेयरिंग-केयरिंग हेल्पलाइन की जानकारी मिली उन्होंने हेल्पलाईन नम्बर पर फोन किया और रूधें हुए गलेंं से कहा की क्या मुझे भोजन व दवाई उपलब्ध हो सकती है मैं बिल्कुल अकेला रहता हूं और मुझे दो दिन से बुखार भी है। इस पर शेयरिंग-केयरिंग हेल्पलाइन द्वारा उन्हे तत्काल प्रभाव से सहायता पंहुचाई गई दूसरे दिन जब फॉलोअप लेने के लिए फोन किया तो उन्हाेंने बताया की मेरे दो बेटे व एक बेटी है दोनो बेटे जयपुर रहते है तथा बेटी मुम्बई में रहती है, लेकिन पास नहीं बनने के कारण वे मेेरे यहां नही आ पा रहे है तो उनके बेटे को ई-पास की जानकारी दी गई, अगले दिन जब फोन किया तो उन्हाेंने खुश होकर कहा की आपकी मदद से अब मेरा बेटा भी मुझे भोजन देने के लिए आ रहा है, उन्होने खुश होकर ढेर सारा आर्शीवाद देते हुए कहा की ईश्वर तुम्हारी हर इच्छा पूरी करें।
 
जिला प्रशासन की शेयरिंग-केयरिंग हेल्पलाइन निभा रही है बेटे जैसा फर्ज लॉकडाउन में बन रही है बुजुर्गो के बुढ़ापे की लाठी