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निजी अस्पतालों द्वारा चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने पर होगी सख्त कार्यवाही -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 1 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि यदि प्रदेश का कोई निजी चिकित्सालय ओपीडी, आईपीडी या इमरजेंसी में मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराता या कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से ईलाज की एवज में राशि वसूलता पाया जाता है तो न केवल उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जा सकती है बल्कि उसकी संबद्धता भी निरस्त की जा सकती है।
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि सरकार ने निजी चिकित्सालयों को रियायत के साथ अस्पताल खोलने की अनुमति और सुविधा दी गई थी लेकिन यह संज्ञान में आया है कि वे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही नहीं आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना व सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना सहित कई योजनाओं के अधीन आने वाले लोगों से भी पैसा वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि इस बारे में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री रोहित कुमार सिंह ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। यदि कोई अस्पताल सरकारी आदेशों की अनुपालना नहीं करेगा तो इस दौरान आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना की संबद्धता भी निरस्त की जा सकती है और भविष्य में पुनः योजना में शामिल भी नहीं किया जाएगा।
 
उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद राज्य के सभी निजी चिकित्सालयों में ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित करना है ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो और उन्हें आसानी से चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकें।