सुरक्षित प्रसव के लिए सरकार ने उठाए कई कदम मोबाइल ओपीडी वैन पर 8 ह...

सुरक्षित प्रसव के लिए सरकार ने उठाए कई कदम मोबाइल ओपीडी वैन पर 8 हजार लोगों ने लिया सेवाओं का लाभ

जयपुर, 24 अप्रेल। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के इस समय में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देश पर प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सुरक्षित प्रसव के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए  हैं। गर्भवती महिलाओं के प्रति राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। 
 
राज्य में जिला मुख्यालयों पर स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र (एमसीएच) पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध जारी रखा गया है। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रसव सुविधाएं उपलब्ध हैं। ताकि गर्भवती महिलाओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पडे़। 
 
श्री गहलोत की पहल पर बुधवार से शुरू की गई मोबाइल ओपीडी वैन सेवा भी अन्य रोगियों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय परामर्श देने के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं। प्रदेशभर में करीब 8 हजार रोगियों एवं गर्भवती महिलाओं ने मोबाइल ओपीडी वैन की सेवाओं का लाभ उठाया है। इन ओपीडी वैन में प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चिकित्सक तथा एक नर्सिंगकर्मी चिकित्सा परामर्श के लिए उपलब्ध रहते हैं। 
 
जयपुर के सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में कोरोना प्रभावित हॉटस्पॉट से आने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है, जिनमें उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधाएं सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उपलब्ध हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि श्री गहलोत ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न जिलों में गर्भवती महिलाओं की टे्रकिंग कर प्रसव की सम्भावित तारीख की जानकारी जुटाई जाए और तय तारीख पर प्रसव के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने आईसोलेशन, क्वारेंटाइन तथा ट्रांजिट शिविरों में रह रही ऎसी महिलाओं की विशेष देखभाल के भी निर्देश दिए थे।