लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में वायु गुणवत्ता के स्तर में काफी सुधार

लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में वायु गुणवत्ता के स्तर में काफी सुधार

जयपुर, 24 अप्रैल। राजस्थान राज्य प्रदूषण बोर्ड के अध्यक्ष श्री पवन कुमार गोयल ने बताया कि  राजस्थान में कोविड-19 महामारी के फैलते खतरे के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के कारण कड़े यात्रा प्रतिबंधों सहित संभावित औद्योगिक गतिविधियों को बंद करने से परिणाम स्वरूप राज्य भर के कई शहरों में वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है।
 
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 अप्रैल 2020 को पहले एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें राज्य की परिवेश वायु गुणवत्ता पर लॉकडाउन का प्रभाव बताया गया था। रिपोर्ट के दूसरे भाग में पोस्ट लॉकडाउन से उत्पन्न वायु गुणवत्ता का 8 अप्रैल से 19 अप्रैल 2020 तक की अवधि का अध्ययन कर विश्लेषण किया गया है।
 
वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले परिवहन, उद्योग, बिजली, रेस्त्रां, लैंडफिल, निर्माण व आवासीय गतिविधियां आदि प्रमुख क्षेत्र है। राज्य प्रदूषण बोर्ड का प्रदेश भर में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) का 10 सतत परिवेश का नेटवर्क है। जिसमें तीन स्टेशन जयपुर में है और अलवर अजमेर भिवाड़ी जोधपुर कोटा पाली और उदयपुर में 11 स्टेशन है। 
 
बोर्ड द्वारा जारी इस दूसरी रिपोर्ट में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के संदर्भ में वायु गुणवत्ता का विश्लेषण प्रि लॉकडाउन एवं पोस्ट लॉकडाउन अवधी का किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्री लॉकडाउन अवधि की तुलना में अब हवा की गुणवत्ता में सभी शहरों में संतोषजनक इजाफा हुआ है। अभी दूसरे लोक डाउन की अवधि में भिवाड़ी और अलवर को छोड़कर सभी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक बना हुआ है।
 
रिपोर्ट में बताया गया है कि पोस्ट लॉकडाउन - 1 से पोस्ट लॉकडाउन - 2 तुलना में अलवर और कोटा के अलावा सभी शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर थोड़ा खराब हुआ है । पोस्ट लॉकडाउन 2 ने भिवाड़ी को छोड़कर सभी शहरों का औसत वायु सूचकांक अभी संतोषजनक अथवा अच्छी श्रेणियों में है। हालांकि भिवाड़ी में गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी की हुई है परंतु फिर भी यह प्री लॉकडाउन से बेहतर है।
 
अजमेर में लॉकडाउन 2 के तहत पीएम-10 की एकाग्रता आमतौर पर सभी शहरों में बढी है सिर्फ अजमेर अलवर और कोटा स्टेशंस को छोड़कर। वही पीएम 2.5  के स्तर में भी लॉकडाउन 2 अजमेर अलवर और जोधपुर को छोड़कर बाकी सभी स्टेशनों पर वृद्धि हुई है। एनओ 2 के मामले में भी सभी शहरों में वायु में एकाग्रता कम हुई है वही जयपुर के शास्त्री नगर में यह मामूली बढ़ा है।