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जांचों में तेजी लाने के लिए राजस्थान खरीदेगा कोबास-8800 मशीन प्रतिदिन 3000 से ज्यादा जांचों में हो सकेगा इजाफा -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 23 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि जयपुर और जोधपुर में कोरोना संक्रमितों की जांच में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कोबास-8800 मशीनों के खरीदने के आदेश दे दिए हैं। यह मशीन एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, अमरीका) से अनुमोदित है। इससे जयपुर और जोधपुर  जिलों में वर्तमान से लगभग 3 हजार ज्यादा जांचें की जा सकेंगी।
 
डॉ. शर्मा ने कहा कि देश में राजस्थान और तेलंगाना केवल दो ऎसे राज्य हैं, जो इस मशीन को खरीद रहे हैं। इस मशीन से आरएनए एस्ट्रक्शन और आरटी-पीसीआर दोनों टेस्ट एक साथ हो सकते हैं। इसमें ऑटोमेटिक और मैनुअली दोनों तरीके से टेस्ट हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की 10 हजार जांच प्रतिदिन करने की सोच की ओर राजस्थान तेजी से बढ़ रहा है। 
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित जिलों में भी जांच में तेजी लाई जा रही है। इसी के मद्देनजर भरतपुर, डूंगरपुर, पाली और बाड़मेर में आरटी-पीसीआर की मशीनों को पहुंचा दिया गया है। यही नहीं उदयपुर और अजमेर में जांच की क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आरटी-पीसीआर मशीनें पहुंच चुकी हैं। भीलवाड़ा में आईसीएमआर द्वारा जांच की अनुमति मिल जाएगी। इसके अलावा जोधपुर के डेजर्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में भी 300 जांच प्रतिदिन करवाने की सुविधा प्रारंभ हो गई है। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा जांचें होंगी कोरोना की वास्तविकता का पता उतना ही जल्द चल सकेगा। 
 
400 मेडिकल मोबाइल यूनिट पहुंची फील्ड में, मिलने लगा जनता को लाभ
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोरोना के अलावा बीमारियों से परेशान आमजन, गर्भवती, धात्री महिलाओं और बुजुर्ग लोगों को राहत देने और उनके घरों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए शुरू की गई 400 मेडिकल मोबाइल यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया है और चिकित्सा सेवा से वंचित लोगों का इसका लाभ मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य के लिहाज से परेशान होने नहीं दिया जाएगा।   
 
407 लोग हुए पॉजीटिव से नेगेटिव
डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य में दोपहर 2 बजे तक जांच के लिए लगभग 70 हजार सैंपल लिए जा चुके थे। इनमें से 1937 को कोरोना पॉजीटिव चिन्हित किया गया है। खुशी की बात यह है कि इनमें से 407 लोग पॉजीटिव से नेगेटिव हो चुके हैं और 134 को तो डिस्चार्ज भी किया जा चुका है।