मोडिफाईड लॉकडाउन अवधि में संचालित गैर अनुमत उद्योगों की जांच के ...

मोडिफाईड लॉकडाउन अवधि में संचालित गैर अनुमत उद्योगों की जांच के लिए संयुक्त दल, मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश

जयपुर, 21 अप्रेल। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि मोडिफाइड लाकडाउन अवधि में अनुमत उद्योगों के राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालन व गैर अनुमत उद्योगों के संचालन पर प्रतिबंध के बाद भी संचालन की जानकारी की जांच के लिए संयुक्त जांच दल से जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए मंगलवार को मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने आदेश जारी कर संयुक्त जांच दल का गठन किया है। उन्हाेंने बताया कि जांच दल में कार्यक्षेत्र के अनुसार रीको/उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ ही संबंधित क्षेत्र के सहायक श्रम आयुक्त अथवा कारखाना निरीक्षक का संयुक्त जांच दल होगा। 
 
 एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग ने 19 अप्रेल को जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों में सोशियल डिस्टेंस, मानक संचालन प्रक्रिया अपनाने और सुरक्षा मानकों की पालना करते हुए उद्योगों के संचालन के निर्देश दिए है।
 
 उद्योग आयुक्त श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि रीको औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग/प्रतिष्ठान स्थित होने पर उस क्षेत्र में संबंधित रीको का वरिष्ठतम अधिकारी एवं संबंधित क्षेत्र के सहायक श्रम आयुक्त या कारखाना निरीक्षक द्वारा संयुक्त रुप से किया जाएगा। इसी तरह से रीको से बाहर के औद्योगिक क्षेत्र के उद्योग/प्रतिष्ठान की जांच संबंधित जिले के महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र व संबधित क्षेत्र के संयुक्त श्रम आयुक्त या कारखाना निरीक्षक द्वारा संयुक्त रुप से जांच की जाएगी।
 आयुक्त श्री अग्रवाल ने बताया कि जांच द्वल द्वारा इकाइयों के निरीक्षण के दौान इकाई के फा्रेटोग्राफ्स के लेंगे, श्रमिकों के ठहरने, मानक संचालन प्रक्रिया के अपनाते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा की मानकों की पालना आदि की जांच कर रिपोर्ट देंगे। उन्होंने बताया कि उद्योग या प्रतिष्ठान द्वारा प्रावधानों की पालना नहीं करते हुए पाए जाने पर उद्यम के स्वामी/संचालन के लिए अधिकृत व्यक्ति के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 सं 60 औरभारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
 
 श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों के संचालन के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उद्यमों के संचालन और केन्द्र व राज्य सरकार की एडवायजरी के अनुसार सुरक्षा मानकों आदि की सख्ती से पालना कराना है।