शिक्षा राज्य मंत्री ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को रा...

शिक्षा राज्य मंत्री ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को राज्य में प्रसार भारती के आकाशवाणी और दूरर्दशन चैनलों द्वारा शिक्षा विभाग को निःशुल्क प्रसार का समय आवंटन करने का आग्रह किया

जयपुर, 17 अप्रेल। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा नें जन हित में प्रसार भारती के आकाशवाणी और दूरदर्शन चैनल द्वारा शिक्षा विभाग को निःशुल्क प्रसारण का समय आवंटित करने का आग्रह किया है। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे व्यक्तिगत पत्र में उन्होंने कहा है कि चूंकि लॉकडाउन में प्रदेश में शिक्षण संस्थान बंद है, विद्यार्थियों के पठन-पाठन को प्रभावी रूप में सुनिश्चित करने के लिए प्रसार भारती लाभ-हानि से परे सोच रखते हुए सार्वजनिक हित में शिक्षा विभाग को निःशुल्क स्लॉट उपलब्ध कराए। 
 
श्री डोटासरा ने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार प्रसार भारती के आकाशवाणी व दूरर्शन चैनल के माध्यम से विद्यार्थियों तक अपने शिक्षकों एवं पाठ्यक्रम  की पहुंच सुनिश्चित करना चाहती है परन्तु प्रसार भारती विभाग को निःशुल्क स्लॉट उपलब्ध नहीं कराकर व्यावसायिक रूख अपनाते हुए शुल्क की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि ऎसे समय में जब देश में हरेक विभाग और कार्मिक देश सेवा में अपना सर्वोत्तम अर्पित कर रहा है, नौनिहालों तक घर पर ही शिक्षा की ज्योति पहुंचाने में आगे आने के लिए प्रसार भारती को निर्देशित किया जाना चाहिए कि वह आर्थिक लाभ-हानि से परे होकर राज्य के शिक्षा विभाग को निःशुल्क स्लॉट दे। इससे सुदूर स्थानों तक शिक्षा प्रसार में मदद मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की जंग में इस समय प्रदेश के लगभग 1.75 लाख शिक्षक योद्धा बनकर सर्वे, पलायन सेंटरों में ड्यूटी दे रहे हैं। इस समय में सुदूर स्थानों तक घर बैठे शिक्षा पहुंचे, यह भी राज्य सरकार सर्वोच्च लक्ष्य है परन्तु अब तक किए गए प्रयास मूल रूप से इन्टरनेट एवं स्मार्ट फोन की उपलब्धता पर ही निर्भर है, ऎसे में आकाशवाणी और दूरर्शन यदि निःशुल्क समय विभाग को आवंटित करते हैं तो प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका वृहद स्तर पर लाभ मिल सकता है।
 
श्री डोटासरा ने अपने लिखे पत्र में कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने विभिन्न नवाचारों को अपनाते हुए विद्यार्थियों को घर बैठे ऑनलाईन लाइव सेशन, सोशल मीडिया के माध्यम से ई-कन्टेट प्रसारण आदि उपलब्ध करा रही है परन्तु प्रदेश के दूर-दराज के गांवो में आर्थिक रूप से पिछड़े अभिभावकों के पास इन सुविधाओं का अभाव होने से बहुसंख्य विद्यार्थी ऑनलाईन पढ़ाई का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री को अपने पत्र में लिखा है कि इन परिस्थितियों में केन्द्र सरकार को जन हित में दूरदर्शन और आकाशवणी प्रसार माध्यमों में राज्य सरकार के शिक्षा विभाग को निःशुल्क समय आवंटित कर शिक्षण व्यवस्था को बाधित नहीं होने देने के राज्य सरकार के प्रयास में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि राजस्थान के विद्यार्थियों के हित में इस संबंध में केन्द्रय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तत्काल निर्णय लेंगे।