शहर में 10 हजार सैम्पल्स लेने की तैयारी, लगाई जाएंगी 20 अतिरिक्त मेड...

शहर में 10 हजार सैम्पल्स लेने की तैयारी, लगाई जाएंगी 20 अतिरिक्त मेडिकल टीमें, कच्ची बस्तियों में भी होगी सैम्पलिंग -नोडल अधिकारी - रामंगज एवं परकोटा क्षेत्र के 30 क्लस्टर्स में सैम्पलिंग प्रारम्भ - 8 अप्रेल से 13 अप्रेल तक शहर में कुल 4077 सैम्पल्स लिए गए

जयपुर, 13 अप्रेल। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जयपुर जिले के नोडल अधिकारी ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अजिताभ शर्मा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में सैम्पल्स लेकर परकोटे से बाहर भी कोरोना संक्रमण के प्रसार की जांच के लिए कार्ययोजना बना ली गई है। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना के अनुसार परकोटा क्षेत्र में करीब 5 हजार सैम्पल्स और लिए जाएंगे एवं परकोटे से बाहरी क्षेत्र में भी 5 हजार सैम्पल लेकर कोरोना संक्रमण के परीक्षण किये जाएंगे। शहर में 8 अप्रेल से 13  अप्रेल तक कुल 4077 सैम्पल्स लिए गए हैं। 
 
श्री शर्मा ने बताया कि एगे्रसिव सैम्पलिंग से लक्षणरहित लोगों के साथ ही ऎसे लोगों की भी समय पर जानकारी मिल सकेगी जिन्हें अन्य बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण होने से उनके जीवन पर खतरा हो सकता है एवं गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ सकती है। 
 
श्री शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में सैम्पलिंग के लिए  स्वास्थ्य विभाग की 20 अतिरिक्त मेडिकल टीमें रैण्डम सैम्पलिंग के लिए लगाई जाएंगी। इनमें से कुछ मेडिकल टीमें कच्ची बस्ती में भी सैम्पल लेंगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक रूप से वहां ज्यादा सैम्पल लिए जाएंगे जहां बाहरी क्षेत्र में पॉजिटिव केस मिले हैं। आस-पास के क्षेत्र में सैम्पलिंग के जरिए सुनिश्चत किया जाएगा कि यह संक्रमण बाहर तो नहीं फैल रहा। 
 
श्री शर्मा ने बताया कि रामगंज एवं परकोटा क्षेत्र में 30 क्लस्टर्स में रैण्डम सैम्पलिंग प्रारम्भ कर दी गई है। सोमवार को 15 क्लस्टर्स में 490 सैम्पल्स लिए गए। शेष 15 क्लस्टर्स में सैम्पल्स मंगलवार को लिए जाएंगे। 
 
उन्होंने बताया कि परकोटा क्षेत्र में जो भी पॉजिटिव मामले आए हैं उनके लिए कन्टेनमेन योजना का पैटर्न निर्धारित कर लिया गया है। कोरोना के अधिक संक्रमण वाले कोर क्षेत्र में जहां पॉजिटिव मामले ज्यादा मिले हैं, ऎसे क्षेत्रों में कफ्र्यू की सख्त पालना करवाने के पुलिस को निर्देश दे दिए गए हैं ताकि यह संक्रमण ज्यादा नहीं फैले। साथ ही रामगंज और परकोटा क्षेत्र में आ रहे संक्रमण के मामलों में प्राथमिक एवं द्वितीय कांटेक्ट्स को क्वारेंटाइन किया जा रहा है।