बीकानेर में भारतमाला परियोजना कैंप गोडू के प्रबंधक और ठेकेदार क...

बीकानेर में भारतमाला परियोजना कैंप गोडू के प्रबंधक और ठेकेदार के खिलाफ एफआइआर दर्ज

जयपुर, 1 अप्रेल। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लाइसेंस लेकर किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद कर सकेंगी। कृषि विपणन विभाग की ओर से इसके लिए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। 
 
कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने बताया कि राज्य में अधिकांश प्रसंस्करण इकाइयों ने व्यापारी का लाइसेंस ले रखा है जिससे वे मंडी के व्यापारियों से कृषि जिंसों की खरीद करते हैं। अब कृषि विपणन विभाग की ओर से अभियान चलाकर मंडी क्षेत्रों में आटा, चावल, तेल, दाल आदि की मिलों को किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद के लाइसेंस दिए जाएंगे। यह लाइसेंस लेने के बाद प्रसंस्करण इकाईयां सीधे काश्तकारों से कृषि जिंसों की खरीद कर सकेंगी। इससे किसानों की तैयार फसल को बेचने के लिए वैकल्पिक विक्रय केंद्र उपलब्ध हो सकेंगे एवं प्रसंस्करण इकाइयों को भी आवश्यकता के अनुसार कच्चा माल आसानी से मिल सकेगा।              
 
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सीधी खरीद के लाइसेंस की शतोर्ं में शिथिलताएं दी गई हैं। उन्होंने बताया कि सीधी खरीद के लाइसेंस के लिए व्यापारी, प्रसंस्करण इकाई, एफपीओ एवं एफपीसी को सम्बंधित मंडी सचिव के कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदक को मात्र सीधी खरीद केंद्र के नाम एवं एक दिन की औसत खरीद की सूचना के साथ आवेदन करना होगा। पूर्व में व्यापारी वर्ग या संयुक्त वर्ग के अनुज्ञा पत्र की पत्रावली में प्रस्तुत किए गए अन्य दस्तावेजों की स्वहस्ताक्षरित प्रति ही मान्य होगी। जिन आवेदकों के पास पूर्व में मंडी की ओर से जारी व्यापारी वर्ग या संयुक्त वर्ग का लाइसेंस नहीं है उन्हें समुचित दस्तावेज संलग्न करने होंगे। श्री गंगवार ने क्षेत्रीय संयुक्त एवं उप निदेशकों तथा मंडी सचिवों को इस नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।