15.78 लाख निर्माण श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपए की तात्कालिक ...

15.78 लाख निर्माण श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता जमा कराई’

जयपुर, 1 अप्रेल। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लाइसेंस लेकर किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद कर सकेंगी। कृषि विपणन विभाग की ओर से इसके लिए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। 
 
कृषि एवं सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नरेशपाल गंगवार ने बताया कि राज्य में अधिकांश प्रसंस्करण इकाइयों ने व्यापारी का लाइसेंस ले रखा है जिससे वे मंडी के व्यापारियों से कृषि जिंसों की खरीद करते हैं। अब कृषि विपणन विभाग की ओर से अभियान चलाकर मंडी क्षेत्रों में आटा, चावल, तेल, दाल आदि की मिलों को किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद के लाइसेंस दिए जाएंगे। यह लाइसेंस लेने के बाद प्रसंस्करण इकाईयां सीधे काश्तकारों से कृषि जिंसों की खरीद कर सकेंगी। इससे किसानों की तैयार फसल को बेचने के लिए वैकल्पिक विक्रय केंद्र उपलब्ध हो सकेंगे एवं प्रसंस्करण इकाइयों को भी आवश्यकता के अनुसार कच्चा माल आसानी से मिल सकेगा।              
 
जयपुर, 1 अप्रेल। श्रम विभाग ने लॉक डाउन के मध्यनजर 15 लाख 78 हजार निर्माण श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रुपए तात्कालिक सहायता के रूप में जमा करवाए हैं। श्रम राज्य मंत्री श्री टीका राम जूली ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में चल रहे पूर्ण लॉक डाउन की स्थिति के मध्यनजर मुख्यमंत्री के निर्देश पर पंजीकृत 15 लाख 78 हजार निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रति निर्माण श्रमिक परिवार को एक हजार रुपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
             
श्रम राज्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जन आधार डाटा बेस के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिक के बैंक खाते में यह राशि हस्तांतरित की गई है। उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल की ओर से सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गठित राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (आरआईएसएल) को हस्तांतरित कराई गई थी।
 
’निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना के तहत छात्रवृत्ति  हेतु आवेदन की सीमा 15 मई तक बढ़ाई’ 
 
श्रम राज्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी के कारण संपूर्ण प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा पूर्ण लॉक डाउन घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र छात्राओं के लिए निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना के तहत छात्रवृत्ति हेतु आवेदन की सीमा 15 मई तक बढ़ाई गई उन्होंने बताया कि पूर्व में यह आवेदन तिथि 31 मार्च तक थी।
   
उन्होंने ने बताया कि हिताधिकारियों के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह समय सीमा बढ़ाई गई ताकि उन्हें छात्रवृति हेतु आवेदन करने में किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो सके।