वाहन विक्रेताओं को सोमवार को अधिकतम तीन व्यक्तियों के लिए कार्य...

वाहन विक्रेताओं को सोमवार को अधिकतम तीन व्यक्तियों के लिए कार्यालय खोलने की स्वीकृत हो सकेगा विक्रित वाहनों का दस्तावेजीकरण, वाहन कर जमा करने एवं बीमा स्वीकृति के लिए आरटीओ, डीटीओ को करना होगा आवेदन

जयपुर, 29 मार्च। परिवहन आयुक्त एवं शासन सचिव श्री रवि जैन ने रविवार को एक आदेश जारी कर वाहन विक्रेताओं द्वारा विक्रय किए गए एवं विक्रय किए जाने वाले वाहनों का दस्तावेजीकरण करने, आवश्यकतानुसार ऎसे वाहनों का मोटर वाहन कर जमा करने एवं बीमा करने के लिए उनके सम्बन्धित कार्य स्थलों को लॉकडाउन से एक दिन के लिए छूट दिए जाने के आदेश जारी किए हैं। 
 
आदेशानुसार प्रदेश के ऎसे सभी डीलर्स जिनको विक्रित वाहनों के लिए ये सभी कार्य करने हैं, उन्हें दिनांक 30 मार्च, सोमवार को अधिकतम तीन व्यक्तियों के लिए ऑफिस खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति प्राप्त करने के लिए डीलर्स को सम्बन्धित प्रादेशिक या जिला परिवहन अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा।  
 
ये आदेश सर्वोच्च न्यायालय में इस सम्बन्ध में दाखिल रिट याचिका में प्रस्तुत अंतरिम आवेदनों में 27 मार्च को दिए गए आदेशों के आधार पर निकाल गए हैं। अंतरिम आवेदनों के आवेदक FADA द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में घोषित विक्रित किन्तु अपंजीकृत वाहनों की संख्या के सम्बन्ध मेें विक्रेताओं के विवरण के प्रस्तुत शपथ पत्र की प्रति राज्य के समस्त पंजीयन अधिकारियों तथा परिवहन मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी ताकि 30 अप्रेल 2020 तक इनके पंजीयन को सटीकता से सुनिश्चित किया जा सके।

आदेशानुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राजस्थान स्थित परिक्षेत्र अर्थात अलवर एवं भरतपुर जिलों में अविक्रित वाहनों का विक्रय एवं पंजीयन किसी भी स्थिति में 30 अप्रेल 2020 के बाद नहीं किया जाएगा। FADA द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में बताए गए विक्रित वाहनों में से 10 प्रतिशत वाहनों को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद 10 दिवस की अवधि में विक्रय किया जा सकेगा। इन 10 प्रतिशत वाहनों का विवरण सर्वोच्च न्यायालय को FADA द्वारा सूचित किया जाएगा। इस सूचना की प्रति भी सभी पंजीयन प्राधिकारियों एवं परिवहन मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी। 
 
 इसी प्रकार टीआरसी पर चल रहे वाहनों के लम्बित पंजीयन समस्त पंजीयन प्राधिकारियों द्वारा 30 अप्रेल 2020 तक किए जाएंगे। 
 
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों की अक्षरक्षः पालना FADA, सभी वाहन डीलर्स एवं पंजीयन प्राधिकारियों द्वारा सुनिश्चत की जाएगी।