कोराना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए परकोटा क्षेत्र में रैण्डम ...

कोराना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए परकोटा क्षेत्र में रैण्डम सैम्पलिंग का निर्णय, ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में होगी करीब 2000 सैम्पलिंग -नोडल अधिकारी प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा विभाग श्री अजिताभ शर्मा ने की जयपुर में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा

जयपुर, 7 अप्रेल। ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अजिताभ शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के कफ्यूग्रस्त परकोटा क्षेत्र के सबसे अधिक प्रभावित रामगंज क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रामगंज क्षेत्र में जल्द से जल्द दो हजार से अधिक रेण्डम सैम्पल कराए जाएं जिससे स्थिति की गंभीरता के आधार पर आगे निर्णय किए जा सकें। उन्होंने शहर के परकोटे से बाहरी क्षेत्र में पॉजिटिव मिले सभी व्यक्तियों के सैकण्डरी कॉन्टेक्ट की 100 प्रतिशत सैम्पलिंग कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही शहर की क्वारेंटाइन फेसिलिटीज के प्रबन्धन की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
 
श्री शर्मा मंगलवार को जयपुर में कोरोना प्रसार को रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी के रूप में जिला कलक्टे्रट में जिला प्रशासन एवं चिकित्सा अधिकारियों समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने रामगंज क्षेत्र के लिए सघन स्क्रीनिंग एवं सैम्पलिंग पर जोर देते हुए कहा कि रामगंज के सम्पूर्ण प्रभावित क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर रैण्डम सैम्पलिंग के तरीके से कम से कम 2 हजार सैम्पल लिए जाएं। 
 
उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग के साथ भी समन्वय रखते हुए वांछित संख्या में सैम्पल का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्हाेंने रामगंज क्षेत्र में सैम्पलिंग के लिए बॉम्बे मॉडल पर सैम्पलिंग वैन की संभावना तलाशने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही रामगंज एवं पूरे परकोटा क्षेत्र में स्क्रीनिंग की गुणवत्ता को और पुख्ता करने के निर्देश देते हुए स्क्रीनिंग करने वाली सभी टीमों एवं इस कार्य में लगे प्रशासनिक अधिकारियों की काउंसलिंग करने के भी निर्देश दिए। 
 
श्री शर्मा ने परकोटे के बाहर जहां पॉजिटिव केस हैं, उनके आस-पास भी ज्यादा से ज्यादा सैम्पलिंग और गुणवत्ता के साथ स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जयपुर में कोरोना के प्रसार पर नियंत्रण के लिए बाहरी क्षेत्रों मेेंं पॉजिटिव से नेगेटिव हो चुके व्यक्तियों के सैकण्डरी कांटेन्ट्स की भी 100 प्रतिशत सैम्पलिंग करवाई जाए एवं यह पुख्ता कर लिया जाए कि वहां संक्रमण प्रसार का कोई खतरा अब नहीं है, चाहे उनमें लक्षण दिखाई नहीं भी दे रहे हों। 
 
समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर डॉ.जोगाराम, जिला परिषद की प्रमुख कार्यकारी अधिकारी श्रीमती भारती दीक्षित, प्रशिशु आईएएस श्री उत्साह चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम श्री इकबाल खान, द्वितीय श्री पुरूषोत्तम शर्मा, चतुर्थ श्री अशोक कुमार, उत्तर श्री बीरबल सिंह, सीएमएचओ प्रथम श्री नरोत्तम शर्मा एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।
 
क्वारेंटाइन प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें
 
श्री शर्मा ने बताया कि जयपुर में निम्स के क्वारेंटाइन सेंटर्स से क्वारेंटाइन किए गए कई व्यक्तियों को अलग-अलग जगह शिफ्ट किया जा रहा है ताकि क्वारेंटाइन के प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने क्वारेंटाइन सेंटर्स के रूप में पर्याप्त संख्या में ऎसे शैक्षणिक संस्थानों के होस्टल, होटल, धर्मशालाओं आदि को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए जिनमें हर कक्ष के साथ एक अटेच लैटबाथ हो, जहां खाने, प्रबन्धन, पुलिस, सेनीटेशन आदि की पूर्व निर्धारित व्यवस्थाएं त्वरित गति से सुनिश्चित की जा सकें। 
 
‘‘रेडी टू गो’’ स्थिति के लिए कोविड हॉस्पिटल्स
 
प्रमुख शासन सचिव श्री शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोविड हॉस्पिटल के रूप में शहर के हॉस्पिल्स का चिन्हीकरण, सूचीकरण एवं उनकी बैड संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए। इन हॉस्पिटल्स को भविष्य में ऎसे व्यक्तियों के लिए आपात स्थिति में काम लिया जा सकेगा जिनको क्रिटिकल केयर की जरूरत पडे़गी। श्री शर्मा ने इन हॉस्पिटल्स का चयन कर इन्हे ‘‘रेडी टू गो’’ स्थिति में रखे जाने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।